Please wait
विधाननगर अस्पताल का नाम बदला, मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल Sudhir wins historic बंगाल में फिर गहराया बारिश का खतरा, सप्ताहांत में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी Sudhir wins historic भड़काऊ बयान मामले में दो थानों से तलब किए जाने पर बोले हुमायूं कबीर — 'गिरफ्तार करना है तो कर लें, परवाह नहीं' Sudhir wins historic अंडा फेंकने की घटनाओं पर कलकत्ता हाई कोर्ट सख्त, राज्य सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट Sudhir wins historic रामनवमी हिंसा मामले में अपरूपा पोद्दार के पति शाकिर अली गिरफ्तार Sudhir wins historic केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल के विकास से जुड़े मुद्दों पर की चर्चा Sudhir wins historic मुख्यमंत्री की चेतावनी के 12 घंटे के भीतर कार्रवाई, हुमायूं कबीर की सभा के तीन आयोजक गिरफ्तार Sudhir wins historic प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स का ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान Sudhir wins historic पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करने के लिए विधेयक, पारिवारिक कानूनों में बड़े बदलाव की संभावना Sudhir wins historic कल्याण बनर्जी ने किया मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का समर्थन Sudhir wins historic

मतगणना के बाद भी 'संगीन' के साए में रहेगी सुरक्षा

अनिश्चितकाल तक तैनात रहेंगे 50 हजार केंद्रीय जवान

03 Apr 2026

मतगणना के बाद भी 'संगीन' के साए में रहेगी सुरक्षा

कोलकाता। बंगाल में चुनावी रंजिश और हिंसा के रक्तरंजित इतिहास को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने इस बार सुरक्षा के कड़े और असाधारण बंदोबस्त किए हैं। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में लोकतंत्र के महापर्व की आहुति पडऩे के बाद भी सुरक्षा घेरा कम नहीं होगा। मतदान संपन्न होने के उपरांत भी करीब 50 हजार केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान अनिश्चितकाल के लिए बंगाल की धरती पर तैनात रहेंगे। आयोग का यह फैसला उन आशंकाओं को देखते हुए आया है, जिनमें चुनाव के बाद होने वाली संभावित हिंसा (पोस्ट पोल वायलेंस) की बात कही जा रही है। 
अधिसूचना के अनुसार, केवल ईवीएम और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए ही 200 कंपनियों को तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुल 500 कंपनियों के बराबर बल राज्य के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में मुस्तैद रहेंगे। सामान्यत: मतदान के बाद सुरक्षा बलों की रवानगी शुरू हो जाती है, लेकिन बंगाल की संवेदनशीलता को देखते हुए आयोग ने शांतिपूर्ण परिणाम सुनिश्चित करने के लिए यह कड़ा रुख अख्तियार किया है। 
हाल ही में कालियाचक में जिस तरह मतदाता सूची विवाद को लेकर न्यायिक अधिकारियों को घंटों बंधक बनाया गया, उसने प्रशासनिक तंत्र की चूलें हिला दी हैं। इस घटना पर सर्वोच्च न्यायालय ने भी तीखी नाराजगी जाहिर की है, जिसके बाद राज्य के डीजीपी और मुख्य सचिव को जवाबदेह ठहराते हुए नोटिस थमाया गया। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसकी जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी के हाथों में है। इसी प्रशासनिक दबाव और न्यायिक सक्रियता के बीच निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से परिभाषित किया है। 
आयोग के इस भारी-भरकम सुरक्षा इंतजाम को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। जहाँ एक पक्ष इसे आयोग की अति-सक्रियता करार दे रहा है, वहीं निर्वाचन सदन का तर्क है कि प्रत्येक मतदाता की सुरक्षा और भयमुक्त वातावरण प्रदान करना उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है। संवेदनशील बूथों और इलाकों में विशेष निगरानी के लिए अतिरिक्त बटालियनें पहले ही मोर्चा संभाल चुकी हैं। प्रशासन की इस अभेद्य घेराबंदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार बंगाल में चुनावी परिणाम के बाद रक्तचरित्र दोहराने की गुंजाइश न के बराबर छोड़ी जाएगी।

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


मतगणना के बाद भी 'संगीन' के साए में रहेगी सुरक्षा
अनिश्चितकाल तक तैनात रहेंगे 50 हजार केंद्रीय जवान





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News